लेखक के बारे में
वाल्टर ब्राडेन 'जैक फिन्नी' (2 अक्टूबर, 1911-19 नवंबर, 1995) एक अमेरिकी लेखक थे। उन्होंने 1934 में इलिनोइस के नॉक्स कॉलेज से स्नातक की उपाधि हासिल की थी। वे अपनी विज्ञान-विमर्शन और रोमांचकारी लेखन के लिए सबसे अधिक जाने जाते थे। उनकी सबसे लोकप्रिय रचनाएं 'द बॉडी स्नैचर्स' और 'टाइम एंड अगेन' शामिल हैं। 1987 में, वे विश्व फेंटेसी सम्मेलन में लाइफटाइम अचीवमेंट के लिए वर्ल्ड फेंटेसी अवॉर्ड से सम्मानित किए गए थे।
The Third Level
The Third Level (Summary), With Solution
The Third Level in Hindi
मध्य न्यूयॉर्क और न्यूयॉर्क, न्यू हैवन तथा हार्टफोर्ड रेलवे के अध्यक्ष समय-सारणियों के ढेर पर शपथ खा जायेंगे कि ये केवल दो हैं। किन्तु मैं कहता हूँ कि ये तीन हैं, क्योंकि मैं ग्राण्ड सेन्ट्रल स्टेशन के तीसरे तल (The Third Level) पर जा चुका हूँ। हाँ, मैं एक स्पष्ट कदम बढ़ा चुका हूँ। अन्य लोगों के अतिरिक्त मैंने मेरे एक मनोचिकित्सक मित्र से बात की। मैंने उसे ग्रांड सेण्ट्रल स्टेशन के तृतीय तल (The Third Level) के बारे में बतलाया और उसने बताया कि यह कामना पूरी करने वाला दिवा-स्वप्न था। उसने कहा मैं अप्रसन्न था। इसने एक प्रकार से मेरी पत्नी को पागल बना दिया, लेकिन उसने स्पष्ट किया कि उसका तात्पर्य था आधनिक संसार असुरक्षा, भय, युद्ध, चिन्ता और ऐसी ही अनेक बातों से परिपूर्ण है और मैं केवल इससे छुटकारा पाना चाहता हूँ। अच्छा, कौन नहीं चाहता? मैं जानता हूँ प्रत्येक व्यक्ति बचना चाहता है लेकिन वे ग्रांड सेंट्रल स्टेशन के किसी तीसरे तल में नहीं भटकते।
लेकिन, यही एक कारण है, उसने कहा, और मेरे सारे मित्र सहमत थे। सब बातें इसी ओर इशारा करती हैं, उन्होंने इस बात का दावा किया। मेरा टिकट संग्रह करना, उदाहरण के रूप में वह ‘वास्तविकता से दूर रहने का अस्थायी आश्रय’ है। अच्छा, हो सकता है, लेकिन मेरे दादाजी को वास्तविकता से दूर आश्रय लेने की आवश्यकता नहीं थी; उनके दिनों में वस्तुएँ सुन्दर और शान्तिपूर्वक थीं, जो मैंने सुना था, और उन्होंने मेरा .संग्रह प्रारम्भ करा दिया। यह एक अच्छा संग्रह है, संयुक्त राज्य के प्रत्येक प्रचालन के व्यावहारिक रूप से चार टिकटों के खण्ड, प्रथम दिवस वाले लिफाफे के आवरण और बहुत कुछ सुन्दर संग्रह हैं। आप जानते हैं। राष्ट्रपति रूजवेल्ट भी टिकट संग्रह करते थे। कुछ भी हो, यह वह है जो ग्रांड सेंट्रल पर घटित हुआ। पिछली गर्मी में एक रात मैंने कार्यालय में देर तक कार्य किया। मैं अपने घर पहुंचने की जल्दी में था अतः मैंने ग्रेड सेंट्रल का उपमार्ग चुनने का निश्चय किया क्योंकि यह बस से ज्यादा तेज था।
अब, मैं यह नहीं जानता कि मेरे साथ यह घटित क्यों हुआ। मैं चार्ली नाम का 31 वर्षीय साधारण आदमी हूँ, और मैंने भूरे रंग का गैबरडीन का सूट और एक फैशनदार फीता लगा हुआ स्ट्रॉटोप पहन रखा था। मैं एक दर्जन व्यक्तियों के पास से गुजरा जो ठीक मेरे जैसे दिखाई देते थे। और मैं किसी भी चीज से बचने की कोशिश नहीं कर रहा था; मैं केवल घर पर अपनी पत्नी, लुइसा के पास पहुँचना चाहता था।
मैं वाण्डरबिल्ट एवेन्यू से ग्राण्ट सेण्ट्रल की ओर मुड़ा और सीढ़ियों से उतर कर प्रथम तल की ओर गया, जहाँ से आप बीसवीं शताब्दी तरह की रेलगाड़ियाँ पकड़ सकते हैं। तब मैं दूसरी सीढ़ियों पर चलता हुआ दूसरे तल पर पहुंचा, जहाँ उपनगरीय रेलगाड़ियाँ प्रस्थान करती हैं, एक मेहराबदार दरवाजे से झुक कर उपमार्ग की तरफ आगे बढ़ गया और खो गया। ऐसा करना आसान है। मैं सैकड़ों बार ग्रेड सेण्ट्रल के अन्दर बाहर जा चुका हूँ, लेकिन मैंने हमेशा दरवाजों और सीढ़ियों तथा गलियारों में धक्के खाए हैं। एक बार मैं लगभग एक मील लम्बी सुरंग में चला गया और रूजवेल्ट होटल के प्रवेश कक्ष में आ गया। दूसरी बार मैं तीन खण्ड दूर छियालीसवीं गली के एक कार्यालय के भवन में पहुँच गया।
कभी-कभी मैं सोचता हूँ कि ग्रेड सेण्ट्रल पेड़ की तरह बढ़ रहा है, नए गलियारे और सीढ़ियाँ जड़ों की तरह बढ़ रही हैं। वहाँ सम्भवतया एक लम्बी सुरंग है, जिसके बारे में कोई नहीं जानता कि इसका रास्ता शहर के नीचे से टाइम्स स्ववायर तक जाता है और शायद दूसरा सेंट्रल पार्क तक जाता है। और हो सकता है क्योंकि बहुत से लोगों के लिए वर्षों से ग्रेड सेण्ट्रल बाहर जाने का एक रास्ता रहा है, एक बचने का रास्ता है- हो सकता है ऐसी एक सुरंग में मैं चला गया लेकिन मैंने अपने मनोचिकित्सक मित्र से इस विचार के बारे में कभी नहीं कहा।
जिस गलियारे से मैं अन्दर गया वह बायीं ओर मुड़ गया और नीचे की ओर ढलवाँ होता गया और मैंने सोचा कि यह गलत रास्ता था, लेकिन मैं चलता ही गया। जो कुछ मुझे सुनाई दिया वह खाली मेरे पैरों की पदचाप थी और मैं किसी व्यक्ति के पास से नहीं गुजरा। तब मैंने आगे की ओर खोखली ध्वनि सुनी जिसका मतलब था खुला स्थान और लोगों का बातचीत करना। सुरंग तेजी से बायीं ओर मुड़ गई, मैं छोटी सीढ़ियों की ओर नीचे चल पड़ा और ग्रांड सेण्ट्रल स्टेशन के तीसरे तल (The Third Level) पर बाहर निकल आया। एक क्षण के लिए मैंने सोचा कि मैं वापस द्वितीय तल पर आ गया लेकिन मैंने देखा कि कमरा अपेक्षाकृत छोटा था, वहाँ बहुत कम टिकट खिड़कियाँ और रेल के दरवाजे थे और मध्य में सूचना केन्द्र का बूथ लकड़ी का बना हुआ था और पुराने ढंग का दिखाई देता था। और बूथ में बैठे हुए व्यक्ति ने आँखों पर हरा चश्मा लगा रखा था और लम्बी आस्तीन वाला काले रंग का रक्षक कवच पहने हुए था। रोशनी बहुत कम थी और झिलमिला रही थी। तब मैंने देखा ऐसा क्यों था; वे खुली लौ वाले गैस लैम्प थे।
वहाँ फर्श पर पीतल के पीकदान रखे हुए थे और स्टेशन के आर-पार मेरी आँखों ने रोशनी की चमक देखी, एक व्यक्ति अपनी जेब से एक सोने की घड़ी निकाल रहा था। उसने झटके के साथ इसका ढक्कन खोला और अपनी घड़ी को देखा और उसकी त्यौरी चढ़ गयी। उसने एक डरबी टोप, एक काला चार बटन वाला सामने से मुड़ा हुआ सूट पहन रखा था और उसकी बड़ी नोकदार काली मूछें थीं। तब मैंने चारों तरफ नजर दौड़ाई और देखा कि स्टेशन पर प्रत्येक व्यक्ति ने 1890 जैसी पोशाक पहन रखी थी; मैंने अपने जीवन में इतनी दाढ़ियाँ, गलमुच्छे और कल्पना से परे लम्बी नोक वाली मूंछे कभी नहीं देखी थीं। एक महिला रेल के द्वार से चलकर आयी, उसने भेड़ की टाँग जैसी आस्तीन वाली ड्रेस और अपने ऊँचे बटनदार जूतों के ऊपर स्कर्ट (घघरी) पहन रखी थी। उसके पीछे, रेल की पटरियों पर मैंने रेल के एक इंजन की झलक देखी, एक बहुत छोटा कूरियर और ईव्ज कम्पनी का इंजन देखा जिसमें कीप के आकार की चिमनी लगी थी। और तब मुझे मालूम हो गया।
इसे सुनिश्चित करने के लिए मैं एक समाचार पत्र बेचने वाले लड़के के पास गया और समाचार-पत्रों के ढेर को उसके पैरों के पास देखा। यह ‘द वर्ल्ड’ था और ‘द वर्ल्ड’ वर्षों से प्रकाशित नहीं हुआ था। मुख्य समाचार में राष्ट्रपति क्लीवलैंड के बारे कुछ छपा था। मैंने यह प्रथम पृष्ठ सार्वजनिक पुस्तकालय की फाइलों में देखा था जिसका प्रकाशन 11 जून, 1894 को हुआ था।
मैं टिकट खिड़की की तरफ मुड़ा यह जानते हुए कि यहाँ ग्राण्ड सेण्ट्रल के तृतीय तल (The Third Level) पर—मैं टिकट खरीद सकता था जो मुझे और लुइसा को संयुक्त राज्य में कहीं भी ले जा सकता था जहाँ . हम जाना चाहते थे। 1894 के वर्ष में। और मैं गैल्सबर्ग इलीनोइस की दो टिकटें चाहता था।
क्या आप कभी वहाँ गए हो? यह अभी तक भी एक आश्चर्यजनक कस्बा है जहाँ बड़े-बड़े पुराने ढाँचों के मकान, बडे-बड़े बगीचे और विशाल वृक्ष हैं जिनकी शाखाएँ ऊपर जाकर मिल जाती हैं तथा गलियों की छतों का काम करती हैं। और 1894 में, ग्रीष्मकालीन शाम अपेक्षाकृत दुगुनी लम्बी हो जाती थी और लोग अपने-अपने बगीचों में बैठ जाते थे, आदमी सिगार पीते तथा शान्त भाव से बातें करते औरतें ताड़ के पेड के पत्तों के पंखों से हवा करती थीं, चारों तरफ जुगनुओं का समूह होता और यह एक शान्त संसार होता। प्रथम विश्व युद्ध से अभी भी बीस वर्ष पूर्व और भविष्य में चालीस वर्ष पश्चात् होने वाले द्वितीय विश्व यद्ध से पहले-मैं वहाँ जाने के लिए टिकटें चाहता था।
क्लर्क ने किराए की गणना की-उसने मेरे टोप के सुन्दर फीते की तरफ देखा लेकिन वह किराए का हिसाब लगाता रहा और मेरे पास एक तरफ के किराए के लिए दो टिकटों के लिए पर्याप्त धन था। लेकिन जब मैंने धन की गणना की और ऊपर की ओर देखा, क्लर्क मेरी तरफ घूर रहा था। उसने पत्र मुद्रा को देखकर सिर हिला दिया। “यह धन नहीं है, श्रीमान,” उसने कहा, “और यदि तुम मुझे धोखा दे रहे हो तो तुम ज्यादा दूर नहीं जा पाओगे,” और उसने अपने बगल में रोकड़ की दराज को देखा। वास्तव में धन पुराने किस्म के नोटों की शक्ल में था, जो आकार में आजकल के नोटों से आधे थे और बिल्कुल भिन्न दिखाई देते थे। मैं वापस मुड़ गया और तेजी से बाहर आ गया। जेल के बारे में कुछ भी अच्छा नहीं था, 1894 में भी।
और यह वही बात थी। मैंने उसी रास्ते की ओर प्रस्थान किया जिससे मैं आया था, मैं मानता हूँ। दूसरे दिन दोपहर के भोजनावकाश में, मैंने बैंक से तीन सौ डॉलर निकलवाए, लगभग जितने मेरे पास थे, और पुराने चलन की मुद्रा खरीदी (जिसने मेरे मनोचिकित्सक मित्र को वास्तव में चिन्तित कर दिया।) आप पुरानी मुद्रा किसी भी मुद्रा विक्रेता से खरीद सकते हैं परन्तु इसके लिए आपको अधिक धन देना पड़ेगा। मेरे तीन सौ डॉलरों ने दो सौ से भी कम पुरानी मुद्रा के नोट खरीदे, लेकिन मैंने इसकी परवाह नहीं की; 1894 में अण्डों का मूल्य तेरह सेंट प्रति दर्जन था। लेकिन मुझे वह गलियारा कभी नहीं मिला जो ग्रांड सेंट्रल स्टेशन के तीसरे तल (The Third Level) को जाता है, यद्यपि मैंने पर्याप्त प्रयास किया।
लुइसा बहुत अधिक चिन्तित थी जब मैंने उसे यह सब बताया और वह नहीं चाहती थी कि मैं इसके बाद तीसरे तल (The Third Level) को दुबारा तलाश करूँ और थोड़ी देर बाद मैं रुक गया; मैं अपने डाक टिकटों की तरफ वापस आ गया। लेकिन अब हम दोनों तलाश कर रहे हैं, हर सप्ताह के अन्त में, क्योंकि अब हमारे पास प्रमाण है कि तृतीय तल (The Third Level) अभी भी है। मेरा मित्र सैम वेइनर गायब हो गया। कोई नहीं जानता था कि कहाँ गया, लेकिन मुझे संदेह था क्योंकि सैम एक शहरी लड़का है, और मैं उससे गेल्सबर्ग के बारे में कहा करता था-वहाँ मैं स्कूल जाता था और वह हमेशा कहा करता था कि वह उस स्थान की आवाज को पसन्द करता था। और वह वही है, बिल्कुल ठीक। 1894 में।
क्योंकि एक रात, जब मैं अपने टिकट संग्रह को उत्सुकता से देख रहा था, मैंने पाया- अच्छा, क्या तुम जानते हो कि प्रथम दिवस का लिफाफा क्या होता है? जब एक नया डाक टिकट जारी होता है तो टिकट संग्रहकर्ता उन्हें खरीद लेते हैं और उन्हें बिक्री के प्रथम दिन ही अपने पते के लिफाफे पर लगाकर डाक में डाल देते हैं और डाकखाने की मुहर तिथि को प्रमाणित कर देती है। यह लिफाफा प्रथम दिवस का लिफाफा कहलाता है। ये कभी खोले नहीं जाते हैं, आप इस लिफाफे में कोरा कागज रखते हैं।
उस रात को, मेरे प्रथम दिवसीय डाक टिकट के लिफाफों में मुझे एक लिफाफा ऐसा मिला जो वहाँ नहीं होना चाहिए। लेकिन वह वहाँ था। यह वहाँ था क्योंकि किसी ने इसे मेरे दादाजी को उनके घर पर गेल्सबर्ग में डाक से भेजा था और यह बात लिफाफे पर लिखा हुआ पता बता रहा था। और यह वहाँ 18 जुलाई 1894 से था-यह डाकघर की मुहर बतलाती थी- फिर भी मुझे यह बिल्कुल याद नहीं रहा। लिफाफे पर छः सैंट का डाक टिकट था, हल्की भूरी और इस पर राष्ट्रपति गारफील्ड का चित्र था। स्वाभाविक रूप से, जब यह लिफाफा दादाजी के पास आया होगा, सीधा उनके संग्रह में चला गया होगा और वहाँ पर पड़ा रहा था-जब तक कि इसे मैंने बाहर निकाल कर इसे खोला नहीं।
अन्दर कागज खाली नहीं था।
इस पर लिखा था :
941 विलार्ड स्ट्रीट
गेल्सबर्ग, इलिनोइस
18 जुलाई, 1894
चार्ली,
मैं
आशा करने लगा कि तुम ठीक थे। तब मैं विश्वास करने लगा कि तुम ठीक थे। और
चार्ली, यह सत्य है, मैंने तीसरा तल (The Third Level) तलाश कर लिया है। मैं यहाँ दो सप्ताह
से हूँ, और इस समय गली में नीचे डेली के घर में, कोई पियानो बजा रहा है और वे सब आँगन के सब बाहर
दहलीज पर यह गाते हुए गए हैं ‘सीइंग नैली होम।’ और मुझे नींबू के शर्बत के
लिए बुलावा आया है। वापस आ जाओ चार्ली और लुईसा। तलाश करते रहो जब तक
तुम्हें तीसरा तल (The Third Level) न मिले। यह खोजने लायक है, मेरा विश्वास करो।
इस पत्र पर हस्ताक्षर थे, सैम।
मैं
जिस डाक टिकट और सिक्कों की दुकान पर गया मैंने पाया कि सैम ने लगभग आठ सौ
डॉलर मूल्य की पुराने ढंग की मुद्रा खरीदी थी। उससे वह भूसे, चारे और अनाज
का छोटा-मोटा अच्छा व्यवसाय कर सकता है। वह हमेशा कहता था कि उसकी इच्छा
यही करने की थी और वह निश्चयपूर्वक अपना पुराना व्यवसाय नहीं कर सकता है।
1894 में गेल्सबर्ग, इलिनोइस में नहीं। उसके पुराने व्यवसाय का क्या हुआ?
क्यों, सैम मेरा मनोचिकित्सक था।
The Third Level
The Third Level (Summary), With Solution
Click here to see all the Articles
➖➖➖➖➖➖➖➖➖➖➖➖➖➖➖
English Textbook for class 12 - Flamingo and Vistas
Classmate Soft Cover Spiral Binding Notebook, Single Line, 300 Pages
Cello Finegrip Ball Pen | Blue Ball Pens | Jar of 25 Units
Apsara Absolute Extra Dark Pencils
F Gear Luxur Olive Green 25 liter Laptop Backpack
Wipro 6W 3 Grade Dimming and Ambience Lighting Table Lamp for Study
0 Comments